भस्त्रिका प्राणायाम कैसे करें? इसको करने से लाभ

भस्त्रिका प्राणायाम (Bhastrika Pranayama)

एक शक्तिशाली श्वास अभ्यास है, जिसका अर्थ होता है “धौंकनी के समान श्वास लेना और छोड़ना”। यह शरीर में ऊर्जा का संचार करता है और मानसिक स्पष्टता लाता है।

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भस्त्रिका प्राणायाम कैसे करें?

  1. बैठने की स्थिति: सुखासन, पद्मासन या वज्रासन में सीधे रीढ़ के साथ बैठें। आंखें बंद कर लें।

  2. श्वास प्रक्रिया:

    • गहरी और तेज श्वास लें (नाक से) – छाती फूले।

    • तेज गति से श्वास छोड़ें – पेट अंदर की ओर खिंचता है।

    • यह प्रक्रिया तेज़ी से होती है, परंतु नियंत्रण में होती है।

  3. गति:

    • शुरुआत में 10 बार करें, फिर 15-20 सेकंड विश्राम लें।

    • फिर दूसरा और तीसरा चक्र करें।

  4. समय:

  5. सावधानियाँ:

    • बहुत तेज़ न करें, अपनी क्षमता अनुसार गति रखें।

    • हाई बीपी, हार्ट प्रॉब्लम, मिर्गी या गर्भवती महिलाएं सावधानीपूर्वक या योग शिक्षक की निगरानी में करें।


भस्त्रिका प्राणायाम के लाभ

  1. शरीर में ऑक्सीजन की पूर्ति – फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है।

  2. मन को शांति व स्पष्टता मिलती है

  3. तनाव, चिंता और डिप्रेशन में राहत

  4. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि

  5. मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।

  6. आंतरिक ऊर्जा का जागरण – खासकर योग साधना में।

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